Laxatives: What They Do, Types, Benefits & How to Use Safely

लैक्सेटिव्स: वे क्या करते हैं, प्रकार, लाभ और सुरक्षित उपयोग कैसे करें

जब हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, खासकर जब मल आसानी से बाहर नहीं निकलता, तब शरीर में असहजता और भारीपन महसूस होता है। इसी स्थिति को कब्ज (Constipation) कहा जाता है। यह एक बहुत ही आम समस्या है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

ऐसी स्थिति में लैक्सेटिव्स (Laxatives) उपयोगी साबित हो सकते हैं। लेकिन आखिर ये लैक्सेटिव्स होते क्या हैं? क्या ये सुरक्षित हैं? और क्या इनके प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध हैं?

इस लेख में आप जानेंगे:

  • लैक्सेटिव्स क्या हैं

  • इनके प्रकार

  • सुरक्षित उपयोग कैसे करें

  • और कैसे प्राकृतिक रूप से कब्ज पर नियंत्रण पाया जा सकता है

Laxatives क्या हैं?

लैक्सेटिव्स (laxatives) वे उपाय या पदार्थ हैं जो कब्ज को दूर करने में मदद करते हैं। ये पाचन तंत्र में आंतों की गति (bowel movement) को सरल बनाते हैं या मल निकालने में सहायता करते हैं।

लैक्सेटिव्स में ओवर-द-काउंटर दवाएं, प्रिस्क्रिप्शन दवाएं, पोषण सप्लीमेंट्स, और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।

लैक्सेटिव्स का उपयोग कब होता है:

  • अल्पकालिक कब्ज के लिए

  • कोलोनोस्कोपी जैसी जांच से पहले

  • कुछ दीर्घकालीन बीमारियों में (डॉक्टर की सलाह से)

🔺मुख्य सुझाव: लैक्सेटिव्स का उपयोग हमेशा डॉक्टर की सलाह और निर्धारित मात्रा में ही करना चाहिए। यदि कब्ज के लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो चिकित्सकीय सलाह लें।

किसे लैक्सेटिव्स (Laxatives) की ज़रूरत पड़ सकती है?

  • जीवनशैली में बदलाव के बाद भी अगर कब्ज दूर न हो

  • दवाओं से होने वाली कब्ज (जैसे ओपिओइड्स, एंटीडिप्रेसेंट्स, आयरन सप्लीमेंट्स)

  • पाचन समस्याएं (जैसे IBS)

  • मेडिकल जांच या सर्जरी से पहले

  • कम फाइबर युक्त भोजन या जंक फूड का अत्यधिक सेवन

  • तनाव

  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स

जोखिम वाले समूह:

  • बुजुर्ग

  • सर्जरी के बाद के मरीज़

  • गर्भवती महिलाएं

चेतावनी: लंबे समय तक या बार-बार लैक्सेटिव्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना नुकसानदेह हो सकता है।

लैक्सेटिव्स के प्रकार और उनका कार्य

प्रकार

कैसे काम करता है

उदाहरण

उपयोग

असर कब दिखे

Bulk-forming

फाइबर बढ़ाकर पानी सोखता है

Psyllium, Methylcellulose

हल्की कब्ज

12–72 घंटे

Osmotic

आंतों में पानी खींचता है

PEG, Magnesium Citrate

कभी-कभी

1–6 घंटे

Stimulant

आंतों की गति को बढ़ाता है

Senna, Bisacodyl

तेज राहत के लिए

6–12 घंटे

Stool Softener

मल में पानी बनाए रखता है

Docusate

बवासीर, सर्जरी के बाद

12–72 घंटे

Lubricant

आंतों को चिकना करता है

Mineral Oil

दुर्लभ, अल्पकालिक उपयोग

6–8 घंटे

Natural (प्राकृतिक)

फाइबर और प्राकृतिक तत्वों से मदद करता है

Prunes, Flaxseeds

नियमित उपयोग के लिए

1–3 दिन

Natural (प्राकृतिक) और Food  Based लैक्सेटिव्स के लाभ

प्राकृतिक और खाद्य आधारित लैक्सेटिव्स कब्ज से राहत देने में असरकारक होते हैं और पाचन को सक्रिय करते हैं। ये शरीर पर धीरे और सहनशील असर डालते हैं, इसलिए नियमित और दीर्घकालिक उपयोग के लिए बेहतर हैं।

  • कम साइड इफेक्ट्स का खतरा: स्टिमुलेंट लैक्सेटिव्स की तुलना में प्राकृतिक लैक्सेटिव्स अधिक सुरक्षित होते हैं

  • पोषण गुण: इनमें फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और खनिज पाए जाते हैं

  • लंबे समय तक उपयोग के लिए सुरक्षित: ये आंतों को मजबूत करते हैं और नियमित मल त्याग में सहायक होते हैं

उदाहरण:

  • अंजीर और प्रून: प्राकृतिक सोर्बिटोल और फाइबर

  • केला: पाचन में सहायक

  • अलसी और चिया बीज: ओमेगा-3 फैटी एसिड और घुलनशील फाइबर

  • ओट्स और साबुत अनाज: फाइबर से भरपूर

  • पालक, केल: मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर

लैक्सेटिव्स का सुरक्षित उपयोग – श्रेष्ठ तरीके

  • डॉक्टर की सलाह या लेबल अनुसार ही उपयोग करें

  • फाइबर वाले लैक्सेटिव्स के साथ भरपूर पानी पिएं

  • रोज़ उपयोग न करें (सिर्फ फाइबर वाले को छोड़कर)

  • लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से मिलें

  • कम मात्रा से शुरुआत करें

  • बिना सलाह के कई लैक्सेटिव्स एक साथ न लें

  • उच्च फाइबर युक्त भोजन लें और नियमित व्यायाम करें

  • गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी

  • बच्चों की पहुंच से दूर और ठंडी, सूखी जगह पर रखें

  • अपनी आंतों की गतिविधि पर नज़र रखें

संभावित Laxatives साइड इफेक्ट्स

केमिकल लैक्सेटिव्स:

  • पेट दर्द

  • दस्त

  • डिहाइड्रेशन

  • आंतों की प्राकृतिक गति में बाधा

प्राकृतिक लैक्सेटिव्स:

  • बहुत कम खतरा

  • शुरुआत में गैस या पेट फूलना

  • आंतों में सूखापन से बचाव के लिए पानी पीना ज़रूरी

लैक्सेटिव्स से बचें अगर:

  • अचानक, तेज पेट दर्द हो

  • उल्टी या मिचली हो

  • मल में खून या काला रंग हो

किसे लैक्सेटिव्स डॉक्टर के बिना नहीं लेने चाहिए?

  • गर्भवती या स्तनपान कराती महिलाएं

  • क्रोहन रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे रोग वाले

  • हाल ही में पेट की सर्जरी वाले

  • बुजुर्ग, कमजोर प्रतिरक्षा वाले

  • खाने की विकृति (Eating Disorder) वाले

पाचन स्वास्थ्य के लिए रोज़ाना सुझाव:

  • 25–30 ग्राम फाइबर लें – साबुत अनाज, फल, सब्जियां

  • पर्याप्त पानी पिएं – दिन में कम से कम 6–8 गिलास

  • नियमित व्यायाम करें – आंतों की गति सुधारता है

  • टॉयलेट की आदत डालें – दबाना नहीं चाहिए

  • लक्षणों की निगरानी करें – बार-बार होने पर डॉक्टर से संपर्क करें

लैक्सेटिव से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लैक्सेटिव्स सुरक्षित हैं?

डॉक्टर की सलाह के तहत अल्पकालिक उपयोग के लिए गए लैक्सेटिव्स आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं। लेकिन लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से आंतों की प्राकृतिक क्रियाशीलता प्रभावित हो सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

कब प्राकृतिक उपाय अपनाएं?

हल्की या कभी-कभार होने वाली कब्ज की स्थिति में Nirant Churn जैसे हर्बल उपचार का प्रयास किया जा सकता है। खासकर जब वह पूरी तरह से शुद्ध और प्राकृतिक घटकों से बना हो।

लैक्सेटिव्स कितनी जल्दी असर करते हैं?

लैक्सेटिव्स का असर उनके प्रकार पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर वे 6 से 12 घंटे के भीतर असर दिखाना शुरू कर देते हैं, खासकर जब उन्हें रात को लिया जाए। कुछ हर्बल या सौम्य लैक्सेटिव्स को असर करने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है, जबकि कुछ तेज़ी से काम करने वाले होते हैं।

क्या प्राकृतिक लैक्सेटिव्स उतने ही असरदार हैं?

हल्की या मध्यम कब्ज में हाँ। गंभीर स्थिति में दवा जरूरी हो सकती है।

क्या लैक्सेटिव्स का लंबे समय तक उपयोग कर सकते हैं?

सभी लैक्सेटिव्स का लंबे समय तक उपयोग सुरक्षित नहीं होता। केवल फाइबर-आधारित लैक्सेटिव्स को ही लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है, वो भी डॉक्टर की सलाह और निगरानी में।

कौन सा सबसे जल्दी काम करता है?

रेक्टल स्टिमुलेंट सपोसिटरी या सैलाइन ऑस्मोटिक 15 मिनट से 6 घंटे में असर करता है, पर रोज़ाना उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है।

कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

  • कब्ज > 1 सप्ताह तक बनी रहे

  • अचानक या तेज पेट दर्द हो

  • मल में खून, अत्यधिक वजन घटे, उल्टी हो

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