Chronic Constipation: Causes, Symptoms, and Relief Tips

दीर्घकालीन कब्ज: कारण, लक्षण और राहत के उपाय

दीर्घकालीन कब्ज एक लंबे समय तक चलने वाली पाचन समस्या है, जिसमें बाउल मूवमेंट कम हो जाते हैं और स्टूल पास करना मुश्किल हो जाता है। कई लोग कभी-कभी कब्ज का अनुभव करते हैं, लेकिन जब यह कई हफ्तों या महीनों तक लगातार बना रहता है, तब इसे दीर्घकालीन माना जाता है।

यह समस्या अस्वस्थता, पेट फूलना, ऊर्जा कम होना और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में सुधार, सही आहार और समय पर निदान के माध्यम से अधिकतर लोगों में यह समस्या काफी हद तक सुधर सकती है।

क्रोनिक (दीर्घकालीन) कब्ज क्या है?

क्रोनिक कब्ज का अर्थ है कि मल नियमित रूप से बाहर न निकलना। मल सूखा, कड़ा, दर्दनाक होना या फंसा हुआ महसूस होना।

इसके साथ ही ऐसा लगातार महसूस होना कि आंतें पूरी तरह खाली नहीं हुई हैं।

क्रोनिक कब्ज के प्रकार

  • Slow-transit constipation: मल कोलन में बहुत धीरे-धीरे चलता है।

  • Pelvic floor dysfunction: मल त्याग के समय पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियाँ पर्याप्त रूप से ढीली नहीं होतीं।

  • Secondary constipation: बीमारी या दवाओं के कारण होने वाला कब्ज।

दीर्घकालीन (क्रोनिक) कब्ज के लक्षण

कब्ज वाले लोगों को निम्नलिखित अनुभव हो सकते हैं:

  • मल कड़ा, सूखा या गांठ जैसा होना

  • मल त्याग करते समय बहुत जोर लगाना पड़ना

  • सप्ताह में 3 से कम बार मल होना

  • मल पूरी तरह न निकलना

  • पेट फूलना, गैस और पेट में अस्वस्थता

  • आंतों में अवरोध या भारीपन महसूस होना

  • कुछ मामलों में भूख कम लगना

लंबे समय से होने वाले कब्ज के सामान्य कारण

जीवनशैली और भोजन संबंधी कारण

  • फाइबर वाला भोजन न लेना

  • दिनभर पर्याप्त पानी न पीना

  • शारीरिक गतिविधि या व्यायाम की कमी

  • समय पर भोजन न करना या भोजन छोड़ना

  • मल त्याग की इच्छा आने पर उसे रोकना

Medical Causes (चिकित्सीय कारण)

  • थायरॉइड की समस्या

  • डायबिटीज

  • IBS-C (Irritable Bowel Syndrome – कब्ज वाला प्रकार)

  • पार्किंसन जैसी नसों से संबंधित बीमारियाँ

  • हार्मोनल बदलाव (गर्भावस्था, मेनोपॉज़ आदि)

Medication-Related Causes (दवाओं के कारण)

  • Painkillers (खासकर Opioids)

  • कैल्शियम/एल्युमिनियम युक्त Antacids

  • आयरन की दवाएं

  • Antidepressants

  • एलर्जी की दवाएं

Structural or Functional Causes

  • पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन

  • एनल फिशर

  • रेक्टोसील

  • आंतों में संभावित अवरोध

लंबे समय तक कब्ज का उपचार न करने पर होने वाली दिक्कतें

  • हेमोरॉइड्स (पाइल्स)

  • एनल फिशर (मलद्वार में चीरा)

  • मल का अत्यधिक सख्त होकर आंत में फंस जाना (Stool impaction)

  • रेक्टल प्रोलैप्स (मलद्वार का हिस्सा बाहर आना)

  • लगातार पेट फूलना और क्रैम्प्स

  • नींद में बाधा और बढ़ा हुआ तनाव

  • भूख में कमी और ऊर्जा घट जाना

क्रोनिक (दीर्घकालीन) कब्ज का निदान

डॉक्टर कब्ज का कारण समझने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करते हैं:

  • चिकित्सा इतिहास और शारीरिक जांच

  • दैनिक आदतें

  • आहार और पानी का सेवन

  • दवाओं का उपयोग

  • मल त्याग का तरीका और आवृत्ति

निदान के लिए किए जाने वाले परीक्षण

  • Blood Test: थायरॉइड, ग्लूकोज़ और इलेक्ट्रोलाइट्स जांचने के लिए

  • Stool Test: संक्रमण की शंका होने पर

  • X-ray या CT Scan: आंतों में अवरोध देखने के लिए

  • Colonoscopy: 45 वर्ष से अधिक उम्र में या रेड-फ्लैग लक्षण होने पर

विशेष परीक्षण

  • Anorectal Manometry: पेल्विक फ्लोर की कार्यक्षमता जांचने के लिए

  • Balloon Expulsion Test: मल निकालने की क्षमता जानने के लिए

  • Colonic Transit Study: मल कोलन में कितनी गति से चलता है यह जानने के लिए

ये सभी टेस्ट डॉक्टर को IBS-C, पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन और Slow-transit constipation में फर्क पहचानने में मदद करते हैं।

दीर्घकालीन कब्ज के लिए प्रभावी उपाय

जल्दी राहत देने वाले उपाय

  • स्टूल सॉफ्टनर्स

  • ऑस्मोटिक लैक्सेटिव्स

  • ग्लिसरीन सपोजिटरीज़

हल्के स्टिम्युलेंट लैक्सेटिव्स (केवल थोड़े समय के लिए ही उपयोग करें; डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक न लें)

जीवनशैली में बदलाव

Daily Hydration (पर्याप्त पानी)

  • दिन में 6–8 गिलास पानी पिएँ।

  • सुबह गर्म पानी पीना अधिक प्रभावी होता है।

Add More Fiber (फाइबर बढ़ाएँ)

  • रोज़ लगभग 25–30 ग्राम फाइबर लें, जो फल, सब्जियाँ और होल ग्रेन्स से मिलता है।

Stay Active (सक्रिय रहें)

  • रोज़ 20–30 मिनट चलने से बाउल मूवमेंट को मदद मिलती है।

Do Not Hold Stool (मल न रोकें)

  • मल त्याग की इच्छा को अनदेखा न करें। जितना जल्दी हो सके टॉयलेट जाएं।

Morning Routine for Quick Results

  • दिन की शुरुआत एक गिलास गर्म पानी से करें।

  • नाश्ते में फाइबरयुक्त भोजन शामिल करें।

  • रोज़ एक ही समय पर टॉयलेट जाने की आदत डालें।

  • पैरों को थोड़ा ऊँचा रखने के लिए फुटस्टूल का उपयोग करें, इससे मल आसानी से निकलता है।

कब्ज राहत के लिए 1-दिवसीय डाइट प्लान


समय

क्या खाएँ

सुबह

गर्म पानी + 3 भिगोए हुए किशमिश + 1 केला

नाश्ता

ओट्स, चिया सीड्स, बेरीज

मिड-मॉर्निंग

सेब या नाशपाती

दोपहर का भोजन

ब्राउन राइस या चपाती + दाल + पालक/ब्रोकली

शाम

हर्बल चाय + थोड़े नट्स

रात का भोजन

सब्जियों का सूप + होल ग्रेन्स

सोने से पहले

गर्म पानी या प्रून जूस

Correct Toilet Posture (बहुत प्रभावी)

फुटस्टूल उपयोग करते समय:

  • शरीर को थोड़ा आगे झुकाएँ

  • घुटनों को हिप्स से थोड़ा ऊँचा रखें

  • पेट को ढीला रखें

यह स्थिति रेक्टम को सही तरीके से सीधा करती है, जिससे मल आसानी से निकलता है।

आहार संबंधी सुझाव (Dietary Recommendations)

उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ (High-Fiber Foods)

पाचन सुधारने और मल को नरम रखने के लिए इन खाद्यों को शामिल करें:

  • सेब, नाशपाती, बेरीज, प्रून

  • गाजर, बीन्स, ब्रोकली, बीटरूट

  • ओट्स, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी

  • दाल, चना, राजमा

टालने योग्य खाद्य पदार्थ (Foods to Avoid)

कब्ज बढ़ाने वाले खाद्य:

  • तले हुए और फास्ट फूड

  • अधिक डेयरी पदार्थ

  • प्रोसेस्ड और पैक्ड स्नैक्स

  • मैदे वाले खाद्य

  • लाल मांस

  • अल्कोहल और अधिक कॉफी

Medical Treatment Options (चिकित्सीय उपचार)

यदि जीवनशैली में बदलाव से पर्याप्त लाभ न मिले, तो डॉक्टर ये उपाय सुझा सकते हैं:

  • प्रिस्क्रिप्शन दवाएँ: Linaclotide, Prucalopride, Lubiprostone

  • फाइबर सप्लीमेंट: Psyllium

  • बायोफीडबैक थेरेपी (पेल्विक फ्लोर की समस्याओं के लिए)

  • पेल्विक मसल रिलैक्सेशन एक्सरसाइज़

  • सर्जरी (दुर्लभ मामलों में, केवल संरचनात्मक समस्या होने पर)

क्रोनिक कब्ज में क्या करें और क्या न करें

Do’s (क्या करें)

  • पर्याप्त पानी पिएँ

  • रोज़ फाइबरयुक्त भोजन लें 

  • नियमित व्यायाम/चलना

  • टॉयलेट की नियमित दिनचर्या बनाए रखें

Don’ts (क्या न करें)

  • जंक फूड और ऑयली भोजन

  • रोज़ laxatives पर निर्भर न रहें

  • भोजन न छोड़ें

  • मल त्याग की इच्छा को न रोकें

FAQs

1. क्या तनाव (Stress) क्रोनिक कब्ज का कारण बन सकता है?

हाँ। तनाव नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है, जो आंतों की गति को नियंत्रित करता है। जब तनाव बढ़ता है, तो आंतों की गति धीमी हो जाती है, मल धीरे चलता है और कोलन अधिक पानी सोख लेता है। इससे मल कड़ा हो सकता है। तनाव प्रबंधन से पाचन सुधरता है।

2. घरेलू उपाय कितने समय में असर करते हैं?

अधिकतर प्राकृतिक उपाय 24–48 घंटे में असर दिखाते हैं। जैसे गर्म पानी, फाइबरयुक्त भोजन, प्रून, साइलियम। लेकिन लंबे समय की कब्ज के लिए रोज़ाना आदतें ज़रूरी हैं।

3. क्या कॉफी कब्ज के लिए अच्छी या खराब है?

दोनों हो सकती है। थोड़ी कॉफी कुछ लोगों में कोलन को सक्रिय करती है, लेकिन अधिक कॉफी डिहाइड्रेशन कर सकती है, जिससे मल कड़ा हो सकता है। इसलिए सीमित मात्रा ज़रूरी है।

4. क्या मैं रोज़ फाइबर सप्लीमेंट ले सकता/सकती हूँ?

हाँ। साइलियम जैसे फाइबर सप्लीमेंट रोज़ लेना सुरक्षित है। लेकिन इसके साथ पर्याप्त पानी लेना ज़रूरी है।

5. क्या गर्म पानी पीने से मदद मिलती है?

हाँ। गर्म पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और मल त्याग आसान बनाता है।

6. क्या डिहाइड्रेशन क्रोनिक कब्ज का कारण बन सकता है?

हाँ। पानी की कमी में कोलन मल से पानी खींच लेता है, जिससे मल सूखकर कड़ा हो जाता है।

7. क्या शारीरिक गतिविधि की कमी कब्ज का कारण है?

हाँ। शरीर की गतिविधि आंतों की गति बढ़ाती है। लंबे समय तक बैठना इसे धीमा करता है।

8. क्या कुछ खाद्य पदार्थ क्रोनिक कब्ज को खराब कर सकते हैं?

हाँ। कम फाइबर और अधिक वसा वाले खाद्य पाचन धीमा करते हैं, जैसे तला हुआ भोजन, लाल मांस, प्रोसेस्ड स्नैक्स, मैदा, अधिक डेयरी।

निष्कर्ष: आगे आप क्या कर सकते हैं

क्रोनिक कब्ज आम समस्या है, लेकिन सही और नियमित आदतों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
अपने भोजन में अधिक फाइबर जोड़ें, पर्याप्त पानी पिएँ, सक्रिय रहें और सही टॉयलेट पोज़िशन अपनाएँ।
ये सरल बदलाव मल त्याग को आसान बनाते हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।

अगर लक्षण जारी रहें या स्थिति नियंत्रण में न आए, तो डॉक्टर से जाँच करवाना ज़रूरी है ताकि सही कारण समझकर उचित इलाज मिल सके।

आगे बताई गई आदतों को नियमित रूप से अपनाने से आपके पाचन स्वास्थ्य में लंबे समय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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